How to Learn Hindi Typing on The Keyboard

हैल्लो माय डीयर फ्रेंड्स। कैसे हैं आप सब? आज की लाइफ किसी रेस से कम नहीं है दोस्तों। आज अगर किसी व्यक्ति को सरवाइव करना है या लाइफ में सक्सेस होना है तो उसे एक बेसिक स्किल तो आना ही चाहिए। वो स्किल है हिन्दी टाइपिंग hindi typing tutor । आज के समय की जरूरत बन गया है हिन्दी टाइपिंग। आज हम अपको बताने जा रहे हैं कि आप की-बोर्ड में हिन्दी टाइपिंग कैसे कर सकते हैं। तो चलिए सबसे पहले ये जान लेते हैं कि टाइपिंग सीखना क्यों जरूरी है?

क्यों जरूरी है टाइपिंग सीखना ?

दोस्तों, जैसा कि आप सब जानते ही हैं, आज कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले रखा है। सभी को घरों में कैद कर रखा है। आज के समय में ज़्यादा तर लोग अपने घर से ही काम कर रहे हैं। ऐसे में टाइपिंग स्किल hindi typing tutor आपके लिए एक एडवांटेज है और जरूरी भी। आइए इसके विषय में समझाते हैं आपको।

अगर आप किसी स्कूल में पढ़ते हैं, तो आपको एसाइनमेंट का इंद्रजाल पता ही होगा। इतना होमवर्क दे दिया जाता है कि खाना, सोना, खेलना सब भूलना पड़ता है। क्यों? सही कहा ना? अब जरा सोचिए दोस्तों, ऐसी कंडीशन में अगर आप घर के बड़ों से होमवर्क के लिए हैल्प मांगें और उनके पास टाइम न हो तो आपका होमवर्क पूरा नहीं हो पाएगा।

फिर दो बातें हो जाएंगी। या तो टीचर आपको पनिश करेगी या तो नहीं करेगी। नहीं किया तो ठीक मगर किया तो? ये सोचकर आप नेट कैफे में जाएंगे एसाइनमंेट hindi typing tutor पूरा करवाने। वहां पर आपको ढेर सारे पैसे देने पड़ेंगे। आपका दोस्त कोरोना भी आपको हैलो बोलने पहले ही खड़ा होगा। तो क्यों इस झमेले में पड़ना। कम्प्यूटर की बेसिक नाॅलेज रखना जरूरी है। 

जैसे एमएस आॅफिस, एक्सेल और टाइपिंग स्किल। फिर आप खुद ही एसाइंमेंट पूरा कर सकते हैं और वो भी जल्दी।

इसके अलावा अगर आप काॅलेज में पढ़ते हैं तो आपको टाइपिंग स्किल आना और भी ज़्यादा जरूरी है। काॅलेज में आपको कई सारे प्रोजेक्ट मिलते हैं जिनके माक्र्स आपके एग्जाम में जुड़ते हैं। इन प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए अलग-अलग ग्रुप्स बनाए जाते हैं। इन गु्रप्स में टाइपिंग जानने वाले स्टूडेंट की डिमांड ज़्यादा रहती है।

अगर आप किसी ऑफिस के इंप्लाॅई हैं तो आपको इस बात का एडवांटेज मिलता है। बहुत से लोग ऑफिस में ऐसे होते हैं जिन्हें टाइपिंग hindi typing tutor नहीं आती और वो एक उंगली से टाइप करते हैं। इन लोगों का काम समय पर पूरा बड़ी मुश्किल से होगा। वहीं आपका काम टाइपिंग जानने की वजह से समय से पहले ही खत्म हो जाएगा। फिर तो आपको बोनस, गिफ्ट, इम्प्लाॅई ऑफ द मंथ का अवाॅर्ड और न जाने क्या क्या मिल सकता है।

कोरोना महामारी से पहले टीचिंग लाइन में टाइपिंग की इतनी जरूरत नहीं थी। टीचर बच्चों को ब्लैकबोर्ड पर काॅन्सेप्ट समझाते थे। लेकिन आज कल हर टीचर को ऑनलाइन क्लास के लिए अपना कंटेंट पहले से तैयार करना पड़ता है। ऐसे में अगर टीचर काॅपी में काॅन्सेप्ट को नोट डाउन करेंगे तो बहुत टाइम लग जाएगा। अगर आपको टाइपिंग आती होगी तो आप कम्प्यूटर या लैपटाॅप पर टाइप करके अपना काम फास्ट कर सकते हैं। टीचर्स के लिए टाइपिंग नाॅलेज मस्ट है।

अगर आपका खुद का बिजनेस है तो भी टाइपिंग hindi typing tutor आपको आनी ही चाहिए। कहते हैं, ‘‘जो दिखता है वही बिकता है।’’ यहां पर एडवरटाइज़िंग करना सबसे ज़्यादा जरूरी है। कई सारे काम होते हैं जिनके लिए आपको टाइपिंग आनी चाहिए। इनमें से एक है ईमेल भेजना। अगर आप अपने बिजनेस के बारे में सबको ईमेल भेजेंगे तो हो सकता है किसी का रिस्पाॅंस अच्छा आए और आप आपकी डील हो जाए।

जो लोग डेटा एंट्री से रिलेटिड जाॅब या क्लैरिकल जाॅब करने की सोच रहे हैं तो आपके लिए टाइपिंग आना मस्ट है। आपको इसमें मास्टर होना पड़ेगा।

अगर आप रिडायर्ड परसन हैं या किन्हीं कारण वश आपको घर पर भी बैठना पड़ रहा है तो भी यह स्किल सीखना चाहिए आपको। इससे आपका काॅन्फिडेंस बढ़ेगा।

अगर आप एक सफल प्रोग्रामर बनना चाहते हैं तो भी आपको ये स्किल आनी चाहिए।

इसके अतिरिक्त अगर आप पोस्ट ऑफिस या किसी शाॅपिंग काॅम्प्लेक्स में भी जाॅब के लिए जाएंगे तो भी आपको टाइपिंग hindi typing tutor नाॅलेज होनी चाहिए।

होटल, डाॅक्टर और एडवोकेट की फील्ड से जुड़े लोगों को तो टाइपिंग स्किल जरूर सीखनी चाहिए।

तो दोस्तों, अभी आपने जाना कि क्यों टाइपिंग स्किल हमारे लिए जरूरी है। अब आपको बताते हैं कि इसमें भी हिन्दी टाइपिंग आपको क्यों सीखनी चाहिए।

क्यों सीखें हिन्दी टाइपिंग ?

क्यों सीखें हिन्दी टाइपिंग ?

हिन्दी टाइपिंग आज के समय की खास जरूरत है। हां हम मानते हैं कि आज टेकनाॅलजी बहुत एडवांस हो गई है। हमारे ‘‘गूगल’’ चाचा ने एक टूल डेवलप किया है जिससे आप आसानी से हिन्दी टाइपिंग कर सकते हैं। वो है गूगल इनपुट टूल। 

इसमें आपको हिन्दी सिलेक्ट करना होता है। इसके बाद आप जब भी कोई अंग्रेजी का वर्ड लिखेंगे तो वो अपने आप हिन्दी के फाॅंट में बदल जाएगा। मगर दोस्तों, यह तो उनके लिए है जिनके लिए ‘मजबूरी का नाम महात्मा गांधी’ hindi typing tutor वाली कहावत सच होती है।

जिन लोगों को हिन्दी टाइपिंग नहीं आती और उन्हें अर्जेंट कोई काम हिन्दी में करना ही है तो वे लोग इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन ये कोई परमानेंट साॅल्यूशन नहीं है। आपको बता दें, हिन्दी के की-बोर्ड से की गई टाइपिंग और गूगल इनपुट से की गई टाइपिंग में जमीन आसमान का अंतर होता है। 

गूगल इनपुट का प्रयोग हम इमरजेंसी के तौर पर निजी काम के लिए कर सकते हैं। परंतु व्यावसायिक और लंबे इस्तेमाल के लिए हमें हिंदी टाइपिंग hindi typing tutor आनी जरूरी है। चलिए जानते हैं क्यों?

हम इनपुट टूल्स की मदद से संस्कृत भाषा को भी नहीं लिख सकते क्योंकि संस्कृत भाषा में भी शब्द बहुत जटिल होते है । जिनको हम हिन्दी भाषा की टाइपिंग सीखकर आसानी से लिख सकते है।

दोनों मे character encoding अलग अलग होती है जिससे हम इनपुट टूल्स से की हुई टाइपिंग को हर जगह पर प्रयोग नहीं कर सकते ।

हिन्दी में बहुत से ऐसे शब्द होतें है जिनको हम इनपुट टूल्स कि मदद से नहीं लिख सकते ।

दोस्तों, अव्वल तो कोरोना महामारी के चलते कई सारे लोगांे की जाॅब्स चली गई। जिन लोगों के घर में एक ही व्यक्ति कमाने वाला हो और उसकी जाॅब चली जाए या बिजनेस ठप्प पड़ जाए तो उसके आगे सबसे बड़ी समस्या होती है कि परिवार का पेट पालने के लिए वह क्या करे। 

ऐसा कौन सा काम करे जिसपर कोरोना ने असर न डाला हो। तो वो है टाइपिंग का काम। इसपर भी अगर आपको हिन्दी टाइपिंग आती है तो सोने पे सुहागा। यही एक काम है जिसके आगे कोरोना भी फिसड्डी है। 

कोरोना का असर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है। अब कई सारी सरकारी और गैरसरकारी नौकरियां निकल रही हैं। जैसे लो डिवीजन क्लर्क, अपर डिवीजन क्लर्क, बैंक पी ओ आदि सभी में हिन्दी टाइपिंग hindi typing tutor आना जरूरी है। हिन्दी की टाइपिंग को आसान बनाने के तरीके हम आपके लिए लेकर आए हैं।

हिन्दी टाइपिंग के लिए इन चीज़ों का होना जरूरी hindi typing tutor

दोस्तों, अगर आप जल्दी से जल्दी हिन्दी टाइपिंग सीखना चाहते हैं तो इसके लिए आपके पास कुछ चीज़ों का होना जरूरी है।

एक अच्छा सा कम्प्यूटर या लैप्टाॅप होना चाहिए।

एक अच्छा सा साॅफ्ट की वाला कीबोर्ड होना चाहिए।

ये तो बात हो गई हार्डवेयर की। अब बात करते हैं कि आपके पास साॅफ्टवेयर में क्या होना चाहिए जिससे आप आसानी से हिन्दी टाइपिंग कर सकते हैं।

साॅफ्टवेयर में सबसे पहले आपके पास लैपटाॅप या कम्प्यूटर में एम एस वर्ड होना चाहिए।

आपके कम्प्यूटर या फिर लैपटाॅप में कोई हिन्दी फाॅन्ट जरूर होना चाहिए। 

अगर आप चाहते हैं कि आप मंगल फाॅंट से हिन्दी टाइपिंग करें तो आपको चाहिए कोई भी इनपुट टूल। केवल यही चीज़्ों आपके पास हों तो आप एक अच्छा टाइपिस्ट जरूर बनेंगे। जो टाइप करना जानता है उसे ही टाइपिस्ट कहते हैं।

कौनसा फाॅंट यूज करें

दोस्तों, आप में से जो भी हिन्दी टाइपिंग को एक प्रोफेशन की तरह लेना चाहते हैं उनके मन में एक सवाल सबसे पहले आता है कि किस फाॅंट में हिन्दी टाइपिंग hindi typing tutor सीखनी चाहिए। देखिए, आपके पास दो ऑप्शंस हैं। या तो आप क्रुति देव-देवलिस फाॅंट में टाइपिंग सीख सकते हैं। या फिर आप मंगल फाॅंट का भी यूज़ कर सकते हैं। 

यही दोनों ऐसे फाॅंट हैं जिनका हिन्दी टाइपिंग सीखने में सबसे ज़्यादा यूज़ किए जाते हैं। काफी सारी भर्तियों में जैसे एलडीसी, बैंक पीओ आदि में सलेक्शन के लिए हिन्दी टाइपिंग टेस्ट होता है। इसमें क्रुतिदेव और मंगल फाॅंट का ही प्रयोग किया जाता है। 

वैसे आपको बता दें, भर्ती से जुड़े हिन्दी टाइपिंग टेस्ट में करीब 80 प्रतिशत जगह क्रुतिदेव फाॅंट का इस्तेमाल होता है। इसका ये मतलब नहीं है दोस्तों, कि आप मंगल फाॅंट को न सीखें। आपको दोनों फाॅंट आने चाहिए तभी सरकारी नौकरी मिलेगी। 

अब ये भी जान लीजिए कि मंगल और क्रुतिदेव फाॅंट में क्या अंतर है? 

यदि आप जानना चाहते हैं कुत्तों को ट्रैन कसे करें तो इसको जरूर पढ़ें Dog Training Tips in Hindi

मंगल और क्रुतिदेव फाॅंट में अंतर

आपने अकसर देखा होगा, लोग तैयारी करके जाते हैं क्रुतिदेव फाॅंट की और एग्जाम में मंगल फाॅंट की डिमांड कर दी जाती है। हम आपको बताते हैं कि दोनों में अंतर क्या है? 

कुछ स्टूडेंट्स का मानना है कि मंगल और क्रुतिदेव फाॅंट एक ही हैं। लेकिन नहीं, दोनों अलग-अलग हैं। एक अच्छा हिन्दी टाइपिस्ट बनने के लिए आपको दोनों फाॅंट सीखना जरूरी है। 

क्रुति देव में टाइपिंग के लिए आपको एक ही की बोर्ड मिलेगा। क्योंकि इसके लिए एक ही की-बोर्ड बनाया गया है और वो है रैमिंगटन। 

जबकि मंगल फाॅंट के लिए कई प्रकार के की-बोर्ड मार्केट में ऐवेलेबल हैं जैसे इंस्क्रिप्ट की-बोर्ड, रैमिंगटन गेल की-बोर्ड, रैमिंगटन सीबीआई की-बोर्ड आदि। इन्हीं का इस्तेमाल सरकारी परीक्षाओं में ज़्यादा किया जाता है। 

दोनों फाॅंट में से क्रुति देव फाॅंट थोड़ा सा मुश्किल है। इसमें टाइपिंग करनी है तो आपको टाइपिंग आनी चाहिए। तो वहीं अगर मंगल फाॅंट की बात करें तो इसमें आपको काफी सारे इनपुट टूल मिल जाते हैं। इसी वजह से चाहे किसी को हिन्दी टायपिंग आती हो या नहीं, हर कोई इस फाॅंट में टाइप कर सकता है।

क्रुतिदेव फाॅंट नाॅन यूनीकोड होता है। इसके विपरीत मंगल फाॅंट एक यूनीकोड फाॅंट है।

क्रुतिदेव में टाइपिंग करने के लिए आपको कोई अलग से साॅफ्टवेयर इंस्टाॅल करने की जरूरत नहीं होती है। क्योंकि यह हिन्दी में होता नहीं है केवल दिखता हिन्दी है। अगर इसमें लिखे हुए मैटर को आप किसी भी सोशल मीडिया प्लैटफाॅर्म या फिर ई-मेल में पेस्ट करेंगे तो यह अजीब सा दिखेगा। क्योंकि ये केवल उसी कम्प्यूटर में सही दिखेगा जिसमें क्रुतिदेव फाॅंट होगा। 

जबकि मंगल फाॅंट आप किसी भी कम्प्यूटर में खोलें वह वैसा ही रहेगा। मंगल फाॅंट ग्रामर पर आधारित होता है। जबकि क्रुतिदेव फाॅंट में ग्रामर मायने नहीं रखता। मंगल फाॅंट में अगर कोई टेक्स्ट आप लिखें और लिखते समय कोई गलती हो जाए तो स्पेस बटन दबाने पर वह गलती अपने आप ठीक हो जाती है। 

जबकि क्रुतिदेव में ऐसा नहीं होता है। हिन्दी टायपिंग के लिए आपको इसके रूल समझने होंगे। की-बोर्ड पर हिन्दी टायपिंग करने के मुख्य तौर पर दो तरीके होते हैं। पहला है फाॅंट बेस, दूसरा इनपुट मेथड एडिटर्स बेस।

फाॅंट बेस टायपिंग

अगर हमें कम्प्यूटर में काम करना है तो हमें फाॅंट की जरूत होगी। मान लीजिए आपको हिन्दी भाषा में कोई डाॅक्युमेंट तैयार करना चाहते हैं तो आपको हिन्दी फाॅंट hindi typing tutor इंस्टाॅल करना पड़ता है अपने कंप्यूटर में। बस, आपको फाॅंट स्टाइल से अपना मन पसंद हिन्दी फाॅंट चुनना है और आपके की-बोर्ड का लेआउट हिन्दी में बदल जाता है। आपको फाॅंट बेस टाइपिंग के दौरान एक छोटी से दिक्कत हो सकती है। 

इस प्रकार के टायपिंग hindi typing tutor मेथड में आपको पहले से हिन्दी फाॅंट में टायपिंग आनी चाहिए। अगर आपको हिन्दी टायपिंग नहीं आती है तो आपको परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस तरीके से वही लोग टाइप कर सकते हैं जिन्होंने टाइपराइटर पर पहले से ही हिन्दी टायपिंग सीख रखी हो। 

इनपुट मेथड एडिटर

नए यूज़र्स के लिए हमारी यही राय है कि आप किसी अन्य विकल्प का प्रयोग करके हिन्दी टायपिंग hindi typing tutor करें। वो विकल्प है ‘‘इनपुट मेथड एडिटर।’’ इसे ही आईएमई के नाम से भी जाना जाता है। आईएमई एक कम्प्यूटर साॅफ्टवेयर होता है जो बिना फाॅंट बदले ही आपको टाइपिंग में हेल्प करता है। इसकी मदद से आप हिन्दी के अक्षरों को इंगलिश की-बोर्ड से भी लिख पाएंगे। 

दोस्तों, यह तरीका आपके लिए बहुत ही ज़्यादा उपयोगी और सरल होगा। आइए जानते हैं कि आप ऐसा कैसे कर सकते हैं?

स्टेप बाय स्टेप जानिए हिन्दी टाइप कैसे करें

आईएमई टूल डाउनलोड करें

इसके लिए आपको सबसे पहले आईएमई टूल गूगल से डाउनलोड करना होगा। जब इस टूल को आप डाउनलोड कर लेंगे तो आप बहुत आसानी से फास्ट हिन्दी टायपिंग hindi typing tutor कर पाएंगे। उस टूल का नाम है ‘‘हिन्दी इनडीक इनपुट टूल।’’ 

इसे एक वेबसाइट के साथ मिलकर माइक्रोसाॅफ्ट ने विकसित किया है। याद रहे, आपको इसका लेटेस्ट वर्जन ही अपने कम्प्यूटर के लिए डाउनलोड करना है। डाउनलोडिंग के बाद इस साॅफ्टवेयर को अपने कम्प्यूटर में इंस्टाॅल कर लें। 

अगर हम चाहते हैं कि हम कम्प्यूटर में तेज और सुरक्षित टायपिंग करें तो हमें साॅफ्टवेयर का अपडेटेड वर्जन लेना चाहिए। जब आपका ये साॅफ्टवेयर इंस्टाॅल हो जाए तो आप इसमें हिन्दी टायपिंग के लिए रेडी हैं।

एक टेक्स्ट एडिटर खोलें

इसके बाद आपको एक टेक्स्ट एडिटर ओपन करना है। इसका मतलब है आपको वर्ड पैड या नोट पैड खोलना होगा। आप कोई टेक्स्ट ऐडिटर ओपन कर सकते हैं जो आपके कम्प्यूटर प्रोग्राम में हो।

इनपुट भाषा चुने 

फिर आपको लेंग्वेज बार पर क्लिक करना है। यह आपके विन्डोज़्ा के टास्कबार पर नीचे की ओर दाईं तरफ मिलेगा। फिर आपके सामने भाषाओं की सूची खुली दिखाई देगी। यहाँ से आप ऊपर वाली भाषा को सिलेक्ट कर लें। इसे सिलेक्ट करने के बाद यह लैंग्वेज बार में दिखने लगेगा। इसका मतलब है कि अब आपके कम्प्यूटर का इनपुट मेथड बदल गया है।

टाइपिंग शुरु करें

अब आप अपने कम्प्यूटर के टेक्स्ट एडिटर में हिन्दी में टाइप कर सकते हैं। चेक करने के लिए आप कम्प्यूटर में अंग्रेजी में लिखें ‘‘मेरा भारत महान’’ वह हिन्दी में ‘‘मेरा भारत महान’’ hindi typing tutor लिखा हुआ दिखाई देगा। अगर आपको ऐसा ही दिखाई दे तो समझें कि सफलतापूर्वक आपने कम्प्यूटर इनपुट मेथड़ टूल इंस्टॉल कर लिया। 

आप अंग्रेजी टाइपिंग से ही हिंदी टाइपिंग कर पाएंगे। अगर आपको दोबारा से इंगलिश टाइपिंग करनी हो तो अपने की-बोर्ड से एक साथ ऑल्ट + शिफ्ट को दबाएं। आप दोबारा इंगलिश टायपिंग पर आ जाएंगे। 

आपने क्या सीखा ?

तो फ्रेंड्स। आज इस लेख के माध्यम से आपने हिन्दी टायपिंग से जुड़ी विशेष जानकारी प्राप्त की है। उम्मीद है यह लेख आपको पसंद आया होगा।

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